सत्य को स्वीकारने का साहस और साधना
यथार्थ को बिना सजाए या छिपाए देखने की क्षमता साधना में क्यों महत्वपूर्ण है।
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बोधि को केवल ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि अपने भीतर भ्रम और अज्ञान कम करने की सतत प्रेरणा के रूप में समझना।
बोधि दिवस: भीतर की जागरूकता को जगाने की प्रेरणा Read More »
राग, द्वेष और मोह जैसे मानसिक विकारों को पहचानकर आंतरिक परिवर्तन की दिशा में बढ़ने पर आधारित लेख।
धर्म का प्रकाश: भीतर के अंधकार को पहचानना Read More »
जीवन की अनियंत्रित परिस्थितियों के बीच द्वेष या निराशा में डूबने के बजाय संतुलित प्रतिक्रिया विकसित करने का चिंतन।
कठिन परिस्थितियों में मन को संतुलित रखने की साधना Read More »
साधना से विकसित होने वाली मैत्री, करुणा और संतुलित व्यवहार की भावना पर चिंतन।
करुणा और मैत्री: मन की शुद्धि से व्यवहार की शुद्धि तक Read More »
धन, शक्ति और प्रतिष्ठा के बावजूद मनुष्य को वास्तविक शांति की आवश्यकता क्यों रहती है—विश्व आर्थिक मंच में दिए गए संबोधन के संदर्भ से प्रेरित लेख।
दुनिया की सफलता और वास्तविक खुशी: दावोस से उठता सवाल Read More »
धर्म की चर्चा और वास्तविक जीवन में उसे धारण करने के बीच के अंतर को साधना के संदर्भ में समझना।
धर्म को धारण करना केवल चर्चा से आगे की बात है Read More »
धम्म को अपने आचरण, साधना और व्यवहार में उतारने की प्रेरणा पर आधारित स्रोत-आधारित लेख।
धर्म के सजीव उदाहरण बनें: केवल बोलें नहीं, जीएं Read More »
2001 की 14-दिवसीय धर्मयात्रा के संदर्भ में बुद्ध से जुड़े तीर्थस्थलों, सामूहिक साधना और धम्मवाणी की झलक।
धर्मयात्रा 2001: बुद्ध के तीर्थस्थलों की साधना यात्रा Read More »
धम्म सेवा को पद या प्रतिष्ठा के बजाय कल्याण और योगदान की भावना से समझने का प्रयास।
धम्म सेवा क्या सिखाती है? देने की भावना का महत्व Read More »