रमाबाई आंबेडकर जीवन परिचय | Ramabai Ambedkar Jivan Parichay

माबाई आंबेडकर, जिनका जन्म 19 फरवरी 1898 को जन्मदिनी गांव, महाराष्ट्र, भारत में हुआ था और मृत्यु 27 मई 1935 को हुई थी, डॉ. भीमराव आंबेडकर की पत्नी थी। उन्होंने समाज के असमानता, जातिवाद और जाति के आधार पर होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उनके पति के विचारों की प्रचार-प्रसार किया।

रमाबाई आंबेडकर जाति और उसके आधार पर होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए भीमराव आंबेडकर के साथ थीं। उन्होंने स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई की और अपने पति के विचारों को प्रसारित करने में मदद की।

उनकी सामाजिक यात्रा में उन्होंने महिला शिक्षा को प्रोत्साहित किया और जातिवाद के खिलाफ उनके पति के साथ मिलकर संघर्ष किया। उन्होंने समाज में जातिवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए विभागीय सभाओं का आयोजन किया और महिलाओं को उनके अधिकारों की जागरूकता दिलाने का प्रयास किया।

रमाबाई आंबेडकर का योगदान महिलाओं के अधिकारों और समाज में अवसरों के लिए संघर्ष में महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने महिलाओं के उद्धारण के लिए समर्पित जीवन जीने का उदाहरण प्रस्तुत किया।

 

माता रमाबाई का त्याग
माता रमाबाई का इतिहास
रमाबाई आंबेडकर फोटो

रमाबाई का जीवन परिचय