विपश्यना केंद्रों में ऑनलाइन पंजीकरण: क्या ध्यान रखें?
स्रोत में दिए गए केंद्र-कार्यक्रमों के आधार पर शिविर के लिए नियमावली पढ़ने, आवेदन और स्वीकृति की सामान्य प्रक्रिया।
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स्रोत में दिए गए केंद्र-कार्यक्रमों के आधार पर शिविर के लिए नियमावली पढ़ने, आवेदन और स्वीकृति की सामान्य प्रक्रिया।
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कमियों को छिपाने या उनका औचित्य सिद्ध करने के बजाय उन्हें पहचानकर सुधार की दिशा में बढ़ने का दृष्टिकोण।
अपनी कमजोरियों को स्वीकारना क्यों जरूरी है? Read More »
कृतज्ञता शिविर की भावना, सामूहिक साधना और गुरु-परंपरा के प्रति आभार को उपलब्ध स्रोत के आधार पर समझने वाला लेख।
कृतज्ञता शिविर: गुरु परंपरा के प्रति आभार और साधना Read More »
अपने अच्छे गुणों को पहचानते हुए अहंकार से बचने और उन्हें निरंतर विकसित करने की आवश्यकता।
अपने सद्गुणों पर गर्व नहीं, उनका संवर्धन करें Read More »
20, 30, 45 और 60 दिवसीय जैसे दीर्घ शिविरों के संदर्भ में स्रोत में दी गई पात्रता और पूर्व अभ्यास की आवश्यकता।
दीर्घ शिविरों के लिए तैयारी और पात्रता Read More »
अतिशयोक्ति या अवमूल्यन के बिना अनुभव और गुण-दोषों को यथार्थ रूप में देखने का महत्व।
यथाभूत ज्ञान-दर्शन क्या है? वास्तविकता को जैसी है वैसी देखना Read More »
किशोर साधकों के लिए आयोजित शिविरों के संदर्भ में जागरूकता, अनुशासन और मानसिक विकास की दिशा।
किशोरों के लिए विपश्यना: कम उम्र में अनुशासन और जागरूकता Read More »
बाहरी उपलब्धियों से मिलने वाले सुख की सीमाओं और आंतरिक संतुलन की आवश्यकता पर चिंतन।
सुख-दुःख के बीच संतुलन: बाहरी परिस्थितियां और मन Read More »
पुराने साधकों के लिए एक-दिवसीय और लघु शिविरों के उद्देश्य तथा अभ्यास की निरंतरता पर जानकारी।
लघु और एक-दिवसीय शिविर: पुराने साधकों के लिए अभ्यास का अवसर Read More »
क्रोध की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय अपनी मानसिक और शारीरिक अनुभूतियों को देखने की साधना पर विचार।
क्रोध आने पर क्या करें? प्रतिक्रिया से निरीक्षण तक Read More »