ग्लोबल विपश्यना पगोडा को सदियों तक सुरक्षित रखने का संकल्प: कॉर्पस फंड में करें योगदान

ग्लोबल विपश्यना पगोडा, गोराई (मुंबई) विश्व का सबसे बड़ा पत्थर से निर्मित बिना किसी स्तंभ वाला ध्यान-गुंबद है। यह केवल एक स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण ही नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध की पावन धातुओं (Relics) का संरक्षण स्थल तथा विपश्यना साधना का एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र भी है। परम पूज्य आचार्य श्री एस. एन. गोयनका जी […]

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ग्लोबल विपश्यना पगोडा, गोराई में प्रतिदिन एक दिवसीय विपश्यना शिविर एवं लघु आनापान प्रशिक्षण

यदि आप व्यस्त जीवन के बीच कुछ घंटे मानसिक शांति, आत्मनिरीक्षण और ध्यान के लिए निकालना चाहते हैं, तो मुंबई के गोराई स्थित ग्लोबल विपश्यना पगोडा में प्रतिदिन आयोजित होने वाला एक दिवसीय विपश्यना शिविर आपके लिए एक उत्कृष्ट अवसर है। प्रतिदिन एक दिवसीय विपश्यना शिविर ग्लोबल विपश्यना पगोडा के भव्य मुख्य डोम में प्रतिदिन

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बोधि वृक्ष का महत्व और इतिहास

बोधि वृक्ष बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। यह वही वृक्ष है जिसके नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। बोधि वृक्ष केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि ज्ञान, जागरूकता, शांति और आत्मबोध का प्रतीक है। दुनिया भर के करोड़ों बौद्ध अनुयायियों के लिए यह श्रद्धा और प्रेरणा का

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बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति कैसे हुई?

गौतम बुद्ध विश्व के महानतम आध्यात्मिक गुरुओं में से एक माने जाते हैं। उन्होंने मानव जीवन के दुःखों का कारण खोजा और उनसे मुक्ति का मार्ग बताया। लेकिन बुद्ध बनने से पहले वे सिद्धार्थ गौतम नाम के एक राजकुमार थे। उनका जीवन राजसी वैभव से भरा हुआ था, फिर भी उनके मन में जीवन के

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गौतम बुद्ध का जन्म, बचपन और राजमहल का जीवन

गौतम बुद्ध विश्व के महानतम आध्यात्मिक गुरुओं, दार्शनिकों और बौद्ध धर्म के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने मानव जीवन के दुःखों को समझने और उनसे मुक्ति पाने का मार्ग बताया। लेकिन बुद्ध बनने से पहले वे सिद्धार्थ गौतम नाम के एक राजकुमार थे, जिनका जीवन अत्यंत वैभव और सुख-सुविधाओं से भरा हुआ

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बुद्ध द्वारा बताए गए चार आर्य सत्य क्या हैं?

भगवान बुद्ध ने मानव जीवन के दुखों को समझने और उनसे मुक्ति पाने का एक सरल एवं व्यावहारिक मार्ग बताया। उनकी शिक्षाओं का मूल आधार चार आर्य सत्य (Four Noble Truths) हैं। ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान बुद्ध ने सारनाथ में अपने प्रथम उपदेश के दौरान इन चार आर्य सत्यों का वर्णन किया था। चार

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सिद्धार्थ गौतम से बुद्ध तक : ज्ञान प्राप्ति की प्रेरणादायक यात्रा

मानव इतिहास में कुछ ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिन्होंने अपने विचारों और जीवन के माध्यम से पूरी दुनिया को नई दिशा दी। भगवान बुद्ध उन्हीं महान विभूतियों में से एक हैं। एक राजकुमार के रूप में जन्म लेकर उन्होंने सत्य की खोज में अपना राज-पाट, परिवार और सुख-सुविधाएँ त्याग दीं। वर्षों की साधना और

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भगवान बुद्ध का संपूर्ण जीवन परिचय

भगवान बुद्ध विश्व के महानतम दार्शनिकों, समाज सुधारकों और आध्यात्मिक गुरुओं में से एक हैं। उन्होंने मानव जीवन के दुखों का कारण खोजकर उनसे मुक्ति पाने का मार्ग बताया। सत्य, करुणा, अहिंसा और समानता का उनका संदेश आज भी पूरी मानवता को प्रेरित करता है। बौद्ध धर्म के संस्थापक के रूप में उनका नाम विश्वभर

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धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25 से 28) : भारतीय संविधान का महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार

भारत विविध धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं वाला देश है। यहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और अन्य धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं। इस धार्मिक विविधता को सुरक्षित रखने और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए भारतीय संविधान में धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार

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शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23 और 24) : मानव गरिमा की रक्षा करने वाला मौलिक अधिकार

भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संविधान में शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right Against Exploitation) को मौलिक अधिकारों में शामिल किया गया है। यह अधिकार नागरिकों को मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी, बेगार और बाल श्रम जैसी अमानवीय प्रथाओं से सुरक्षा प्रदान

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