जन्म / अवधि: 1134 – 1196
बसवन्ना 12वीं शताब्दी के महान दार्शनिक, संत और सामाजिक सुधारक थे। वे कर्नाटक की वीरशैव/लिंगायत परंपरा के विकास से जुड़े हैं। उन्होंने जातिगत भेदभाव, कर्मकांड और सामाजिक असमानता के विरुद्ध समानता तथा श्रम की गरिमा का संदेश दिया। ‘वचन’ साहित्य उनकी वैचारिक परंपरा की प्रमुख अभिव्यक्ति है। उनके विचारों ने दक्षिण भारत के सामाजिक और धार्मिक इतिहास पर दीर्घकालीन प्रभाव डाला।
संत बसवन्ना लिंगायत से जुड़े प्रमुख विषय
संत बसवन्ना लिंगायत की जीवनी, संत बसवन्ना लिंगायत का इतिहास, संत बसवन्ना लिंगायत का जीवन परिचय, योगदान, सामाजिक संदर्भ और विरासत।

