संताजी जगनाडे महाराज महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा से जुड़े संत, कवि और संत तुकाराम के सहयोगी माने जाते हैं। वे तुकाराम के अभंगों को लिखने और सुरक्षित रखने के लिए विशेष रूप से स्मरण किए जाते हैं। वे स्वयं भी अभंग लिखते थे। 2009 में भारतीय डाक विभाग ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया था। नोट: आपके मूल डेटा में 8 अप्रैल था; उपलब्ध संदर्भों में 8 दिसंबर 1624 अधिक प्रचलित है।
संताजी जगनाडे महाराज से जुड़े प्रमुख कीवर्ड
संताजी जगनाडे महाराज की जीवनी, संताजी जगनाडे महाराज का जीवन परिचय, संताजी जगनाडे महाराज का इतिहास, योगदान और सामाजिक विरासत।

