राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की स्थापना कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा [अर्थात् कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25(पूर्ववर्ती)] के तहत ”लाभ न कमाने वाली कंपनी” के रूप में 1989 में हुई थी जिसका उद्देश्य गरीबी रेखा से दोगुना नीचे जीवन यापन करने वाले एससी लाभार्थियों (वर्तमान में यह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 81,000 रू तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 1,03,00 रू है) के आय सृजक कार्यकलापों का वित्तपोषण करना है। एनएसएफडीसी लक्षित समूहों को ऋण, कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास कार्यक्रम के माध्यम से सहायता प्रदान करता है तथा राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों, आरआरबी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा अन्य संस्थाओं के माध्यम से विपणन सहायता प्रदान करता है।

 

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी)योजना दस्तावेज Edit