समता

अहंकार और हीनभावना: दोनों अतियों से बचने का मध्यम मार्ग

अपने गुणों से अहंकार और अपनी कमियों से हीनभावना पैदा करने के बजाय संतुलित दृष्टि रखने की आवश्यकता।

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कठिन परिस्थितियों में मन को संतुलित रखने की साधना

जीवन की अनियंत्रित परिस्थितियों के बीच द्वेष या निराशा में डूबने के बजाय संतुलित प्रतिक्रिया विकसित करने का चिंतन।

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सुझाव देना और परिणाम स्वीकारना: आसक्ति से कैसे बचें?

सामूहिक कार्य में अपनी राय रखने के बाद निर्णय से चिपके रहने के बजाय व्यापक हित को स्वीकारने की सीख।

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क्रोध आने पर क्या करें? प्रतिक्रिया से निरीक्षण तक

क्रोध की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय अपनी मानसिक और शारीरिक अनुभूतियों को देखने की साधना पर विचार।

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उतार-चढ़ाव में समता कैसे बनाए रखें?

जीवन की अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच मन की समता बनाए रखने के अभ्यास पर आधारित व्यावहारिक चिंतन।

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सुखद संवेदना से आसक्ति और दुखद संवेदना से द्वेष

सुखद अनुभव को पकड़ने और अप्रिय अनुभव को हटाने की प्रवृत्ति को समता के अभ्यास से देखने का विषय।

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