डॉ. आंबेडकर का सपना: दलित समाज कैसे बनेगा शक्तिशाली?

सामाजिक न्याय, शिक्षा और आत्मसम्मान की दिशा में जरूरी कदम भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर ने हमेशा कहा था – “शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो।” यही मंत्र आज भी दलित समाज के उत्थान का सबसे मजबूत आधार है। सदियों तक सामाजिक भेदभाव, आर्थिक पिछड़ेपन और शिक्षा से दूर रखने के […]

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मान्यवर Kanshi Ram : वह नेता जिसने बहुजन समाज को सत्ता की दिशा दिखाई

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ ऐसे व्यक्तित्व हुए हैं जिन्होंने समाज के वंचित, शोषित और बहुजन वर्गों को केवल जागरूक ही नहीं किया, बल्कि उन्हें राजनीतिक शक्ति बनने का रास्ता भी दिखाया। ऐसे महान व्यक्तित्वों में मान्यवर कांशीराम का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपने जीवन का हर क्षण बहुजन

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विपश्यना का विस्तार: उड़ीसा में ‘धम्म कोसल’ केंद्र का निर्माण शुरू

भारत में विपश्यना ध्यान की परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है और देश के विभिन्न भागों में नए-नए ध्यान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उड़ीसा राज्य में एक और नया विपश्यना केंद्र ‘धम्म कोसल’ के नाम से स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र ध्यान साधकों के लिए आध्यात्मिक साधना का

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Global Pagoda Mumbai : प्रतिदिन आयोजित एक दिवसीय विपश्यना शिविर : ध्यान साधकों के लिए विशेष अवसर

आज के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में मन को शांत और संतुलित रखना बहुत आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से ध्यान साधकों के लिए प्रतिदिन एक दिवसीय विपश्यना शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिन्होंने पहले से विपश्यना साधना का अनुभव प्राप्त किया

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‘धम्ममालय’ विश्राम गृह : ध्यान साधकों के लिए शांत और सुविधाजनक आवास

ध्यान और आत्मिक शांति की खोज में आने वाले साधकों के लिए आरामदायक और शांत वातावरण बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से ‘धम्ममालय’ विश्राम गृह की व्यवस्था की गई है, जहाँ ध्यान शिविर में आने वाले साधक रात्रि विश्राम कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो

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4 मई – 12 मई : किशोरियों के लिए विशेष ध्यान शिविर (Teenager Course – Girls)

Dhamma Giri Vipassana International Academy में आयोजित आज के तेज़ और प्रतिस्पर्धात्मक जीवन में किशोर उम्र के बच्चों पर पढ़ाई, सोशल मीडिया और जीवन की विभिन्न चुनौतियों का दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में ध्यान (मेडिटेशन) मन को शांत, एकाग्र और संतुलित बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से 4 मई

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भीमा कोरेगांव लड़ाई का सच्चा इतिहास | Battle of Bhima Koregaon

भीमा कोरेगांव की लड़ाई भारतीय इतिहास की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली घटना है, जिसे विशेष रूप से दलित समुदाय के शौर्य और आत्मसम्मान के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। यह युद्ध 1 जनवरी 1818 को पुणे के पास भीमा नदी के तट पर कोरेगांव में लड़ा गया था। यहाँ इस ऐतिहासिक युद्ध

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चमार जाति का सच्चा इतिहास | Chamar Cast History

चमार जाति का इतिहास अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और गौरवशाली रहा है। इतिहासकारों और विद्वानों के अनुसार, इस समुदाय का संबंध भारत की प्राचीन क्षत्रिय परंपराओं और गौरवपूर्ण अतीत से है। यहाँ चमार जाति के इतिहास के मुख्य पहलू दिए गए हैं: 1. प्राचीन क्षत्रिय मूल (Historical Roots) विद्वानों और इतिहासकारों (जैसे डॉ. एन.वी. लेले और

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बौद्ध परंपरा से प्रेरित सुंदर और अर्थपूर्ण बच्चो के नाम

Buddhist Baby Names – Girls A आर्या (Arya) – श्रेष्ठ अमिता (Amita) – असीम आन्वी (Aanvi) – सौम्य अहिंसा (Ahimsa) – करुणा, अहिंसा B बोधि (Bodhi) – ज्ञान, बोध बुद्धिका (Buddhika) – बुद्धिमत्ता भावना (Bhavana) – ध्यान, साधना C चेतना (Chetana) – जागरूकता चारु (Charu) – सुंदर, सौम्य D दीपा (Deepa) – प्रकाश धम्मिका (Dhammika)

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कैसे पड़ा ‘महार’ यह नाम? | महार जाति का इतिहास

भारत की सामाजिक संरचना में महार जाति का इतिहास अत्यंत प्राचीन, संघर्षपूर्ण और गौरवशाली रहा है। आज “महार” शब्द केवल एक जाति का नाम नहीं, बल्कि यह साहस, स्वाभिमान, सामाजिक संघर्ष और परिवर्तन का प्रतीक बन चुका है। लेकिन अक्सर यह प्रश्न उठता है कि “महार” यह नाम कैसे पड़ा?” और इसका ऐतिहासिक अर्थ क्या

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