बौद्ध : पाल वंश — हिंदी जानकारी

पाल वंश ने लगभग 8वीं से 12वीं शताब्दी के बीच पूर्वी भारत में महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका निभाई। पाल शासकों ने महायान और वज्रयान बौद्ध परंपराओं को संरक्षण दिया। नालंदा और विक्रमशिला जैसे शिक्षा केंद्रों के विकास और संरक्षण से पाल काल का विशेष संबंध माना जाता है। इस काल में भारत और तिब्बत के बीच बौद्ध विद्या, पांडुलिपियों और आचार्यों का आदान-प्रदान हुआ।

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