ई. वी. रामासामी, जिन्हें पेरियार के नाम से जाना जाता है, दक्षिण भारत के महान समाज सुधारक, तर्कवादी और जाति-विरोधी नेता थे। उनका जीवन सामाजिक समानता, आत्मसम्मान और रूढ़िवाद की आलोचना से जुड़ा रहा।
आत्मसम्मान आंदोलन
1925 में उन्होंने आत्मसम्मान आंदोलन को आगे बढ़ाया। इसका उद्देश्य जातिगत पदानुक्रम, सामाजिक असमानता और अंधविश्वास के विरुद्ध जनचेतना पैदा करना था।
महिला अधिकार और तर्कवाद
पेरियार ने महिलाओं की शिक्षा, संपत्ति अधिकार, विवाह में समानता और सामाजिक स्वतंत्रता का समर्थन किया। उन्होंने तर्क और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सामाजिक जीवन में महत्व दिया।
द्रविड़ आंदोलन
उनके विचारों ने द्रविड़ आंदोलन और दक्षिण भारतीय सामाजिक राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला। 24 दिसंबर 1973 को उनका निधन हुआ।
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