अय्यंकाली केरल के महान सामाजिक सुधारक और दलित अधिकार आंदोलन के अग्रणी नेता थे। वे पुलया समुदाय से आए और जातिगत भेदभाव, शिक्षा पर प्रतिबंध तथा श्रमिक शोषण के विरुद्ध संघर्ष किया।
शिक्षा का अधिकार
अय्यंकाली ने दलित बच्चों के लिए स्कूल शिक्षा के अधिकार की मांग की। उस समय निम्न जातियों के बच्चों की शिक्षा पर अनेक सामाजिक प्रतिबंध थे। उन्होंने संगठित आंदोलन और सार्वजनिक प्रतिरोध के माध्यम से इन बाधाओं को चुनौती दी।
श्रमिक आंदोलन
उन्होंने कृषि मजदूरों के अधिकारों, बेहतर मजदूरी और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष किया। साधु जन परिपालन संघ जैसे संगठनों के माध्यम से उन्होंने समुदाय को संगठित किया।
विरासत
18 जून 1941 को उनका निधन हुआ। आज अय्यंकाली को केरल में सामाजिक न्याय, शिक्षा और दलित मुक्ति आंदोलन के अग्रदूत के रूप में सम्मानित किया जाता है।
अय्यंकाली से जुड़े प्रमुख कीवर्ड
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