रमाबाई आंबेडकर, जिन्हें प्रेम से रमाई कहा जाता है, डॉ. भीमराव आंबेडकर की जीवनसंगिनी थीं। उन्होंने कठिन आर्थिक परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच परिवार को संभाला। बाबासाहेब के अध्ययन और सामाजिक संघर्ष के दौर में उनका सहयोग महत्वपूर्ण था। 27 मई 1935 को उनका निधन हुआ। आंबेडकर आंदोलन में उन्हें धैर्य, त्याग और संघर्ष की प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।
रमाई साहब (रमाबाई आंबेडकर) से जुड़े प्रमुख कीवर्ड
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