आर्ये अष्टांगिक मार्ग सुत्त
एक समय भगवान श्रावस्ती में अनाथपिण्डक के बनाये आराम जेतवन में विहार करते थे l वहाँ भगवान ने भिक्षुओ को आमंत्रित किया , भिक्षुओ ! आर्ये अष्टांगिक मार्ग का विभाग कर उपदेश करुँगा l उसे सुनो… भदन्त ! कह कर उन भिक्षुओ ने भगवान का उत्तर दिया। भगवान बोले, भिक्षुओ आर्ये अष्टांगिक मार्ग क्या हैं […]
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